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नारायणपुर: “ऑपरेशन तोता” के नाम पर पानी की बर्बादी ने पकड़ा तूल, कमांडेंट ने दी सफाई, कहा- पाइप का प्रेशर चेक करने कया गया डेमोंस्ट्रेशन

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“ऑपरेशन तोता” के नाम पर पानी की बर्बादी ने पकड़ा तूल, कमांडेंट ने दी सफाई, कहा- पाइप का प्रेशर चेक करने किया गया डेमोंस्ट्रेशन

सूरज सरकार, प्रधान संपादक, बस्तर की आवाज़

नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में हाल ही में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, जिसमें पालतू तोते को लेकर फायर ब्रिगेड की गाड़ी के कथित इस्तेमाल ने विवाद खड़ा कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि विभाग के की किसी बड़े अधिकारी के तोते को पेड़ से नीचे उतारने के लिए दमकल वाहन से पानी की बौछार की गई। हालांकि अब इस मामले में संबंधित विभाग का बयान सामने आया है। आरोपों को खारिज करते हुए कहा गया है कि यह पूरा मामला रूटीन फायर ब्रिगेड डेमो और उपकरणों की जांच का हिस्सा था, जिसका किसी पालतू तोते या निजी घटना से कोई संबंध नहीं है।

जानकारी के अनुसार, यह घटना जिला मुख्यालय क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां एक पालतू तोता पिंजरे से निकलकर पास के एक ऊंचे पेड़ पर बैठ गया था। इसके बाद उसे नीचे लाने के लिए फायर ब्रिगेड वाहन के इस्तेमाल की बात सामने आई, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिली और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग के आरोप लगाए जाने लगे।

लोगों में नाराजगी, राजनीति भी गरमाई

स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान पानी की किल्लत के बीच इस तरह दमकल वाहन का इस्तेमाल सवालों के घेरे में है। लोगों ने इसे संसाधनों की बर्बादी बताते हुए प्रशासन से जवाबदेही की मांग की है। मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। विपक्षी दलों के नेताओं ने इस घटना को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। वहीं क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर जल्द कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

जिला कमांडेंट का बयान

अब इस पूरे मामले में जिला कमांडेंट एवं जिला अग्निशमन अधिकारी मनोहर चौहान ने सभी आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि हम लोग आदेश्वर स्कूल में डेमो के लिए गए थे। वहीं पर यह घटना हुई है। कुछ दिन पहले गाड़ी का प्रेशर पाइप फट गया था। अब स्कूल बंद होने के कारण हम डेमो दिखाए, नहीं तो हमारा प्रेशर कितना दूर तक जाता है उसका हम लोग टेस्ट कर रहे थे कि गाड़ी सही हुआ है कि नहीं। अब उससे क्या गिरा, उस पेड़ से क्या गिरा, इसकी हमें जानकारी नहीं। और किसका तोता था, यह हमें भी नहीं पता।

उन्होंने बताया कि हम लोग हमेशा रूटीन चेकिंग करते रहते हैं। गाड़ी का हर गाड़ी को प्रत्येक दिन हम लोग देखते हैं कि गाड़ी सही हालत है कि नहीं। गर्मी का सीजन चल रहा है तो हम लोग हर गाड़ी को प्रत्येक दिन चेक करते हैं और कुछ नहीं है। हमारा अग्नि सुरक्षा सप्ताह चल रहा था। चल रहा था तो हम लोग डेमो नहीं दिखा पाए थे। वीआईपी ड्यूटी कारण तो हम लोग सोचे। चलो डेमो कर लेते हैं। ऐसे करके टीम को भेजा गया था। तोते से कोई संबंध नहीं है। तोता के बारे में हम नहीं जानते।

हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि तोता किस अधिकारी का था।

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