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नारायणपुर: मां दुर्गा,काली,शिव-पार्वती और अघोरियों के तांडव की छत्तीसगढ़ी झांकी प्रदर्शन के बाद बंग समाज ने किया ऐतिहासिक मां दुर्गा मूर्ति विसर्जन न्यू प्रेस क्लब नारायणपुर के शपथ ग्रहण समारोह का हुआ भव्य आयोजन, मुख्य अतिथि मंत्री केदार कश्यप ने न्यू प्रेस क्लब नारायणपुर के पत्रकारों के भवन के जल्द निर्माण की घोषणा की न्यू प्रेस क्लब नारायणपुर के शपथ ग्रहण समारोह का भव्य आयोजन 19 सितंबर को, मुख्य अतिथि के रूप में वन मंत्री एवं विधायक केदार कश्यप करेंगे शिरकत नारायणपुर: साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाला आरोपी नारायणपुर निवासी म्यूल खाताधारक गिरफ्तार आत्मसमर्पित नक्सलियों ने जिस हाथ से जवानों की हत्या करते थे कभी…आज उसी हाथ से जवानो की रक्षा करने का वचन देते हुए उनके हाथों में बांधा रक्षा सूत्र नारायणपुर: नक्सल हिंसा के शिकार परिवारों के बीच पहुंचे मां मातंगी धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमसाईं

नारायणपुर: मां दुर्गा,काली,शिव-पार्वती और अघोरियों के तांडव की छत्तीसगढ़ी झांकी प्रदर्शन के बाद बंग समाज ने किया ऐतिहासिक मां दुर्गा मूर्ति विसर्जन

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बंग समाज द्वारा आयोजित ‘सिंदूर खेला’ के बाद छत्तीसगढ़ी जस गीतों के झांकी प्रदर्शन से भक्तिमय हुआ नारायणपुर

दुर्गा,काली,शिव-पार्वती और अघोरियों के तांडव की छत्तीसगढ़ी झांकी प्रदर्शन के बाद बंग समाज ने किया ऐतिहासिक मां दुर्गा मूर्ति विसर्जन

नगर में झलकी आस्था और सौहार्द की मिठास,सैकड़ों की संख्या में भक्तजन पहुंचे झांकी प्रदर्शन में 

‘आसचे बोछोर आबार,एसो मां’ के जयकारों से गूंजा नगर

सूरज सरकार, प्रधान संपादक न्यूज बस्तर की आवाज़ 

नारायणपुर/ शारदीय नवरात्र के समापन और विजयादशमी के पावन अवसर पर नारायणपुर क्षेत्र में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन पूरी आस्था, उल्लास और भावुकता के साथ किया गया। बंगाली परंपराओं के अनूठे रंग में रंगे इस पर्व में सुहागिन महिलाओं ने पारंपरिक ‘सिंदूर खेला’ की रस्म पूरी श्रद्धा से निभाई। इसके बाद नम आंखों से मां दुर्गा को आगामी वर्ष पुनः आने का निमंत्रण देते हुए भावभीनी विदाई दी गई।

समाज के सुहागिनों महिलाओं द्वारा किया जाता है सिंदूर खेला

विजयादशमी के दिन मां दुर्गा की विदाई से पूर्व बंगाली रीति रिवाज के अनुसार महिलाओं ने देवी मां को सिंदूर अर्पित किया। लाल-सफेद पारंपरिक साड़ियों में सजी महिलाओं ने सर्वप्रथम मां के चरणों और मुख पर सिंदूर लगाकर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद श्री श्री शारदीय दुर्गा पूजा उत्सव समिति नारायणपुर सभी महिलाएं एक-दूसरे के गालों पर सिंदूर
लगाकर सुहाग की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना की।

बंग समाज की मान्यता है कि यह अनुष्ठान मां दुर्गा के कैलाश पर्वत स्थित अपने ससुराल लौटने की खुशी का प्रतीक है। जिस प्रकार मायके से बेटी को विदा करते समय प्रेम और आशीर्वाद दिया जाता है, उसी भाव से महिलाओं ने मां को सिंदूर और मिठाई अर्पित कर विदा किया।

मिठाई खिलाकर दी शुभो बिजॉय’ की बधाई 

सिंदूर खेला एवं विजय दशमी के उपलक्ष्य पर पूरा वातावरण आपसी प्रेम और सौहार्द से सराबोर हो उठा।महिलाओं ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया और गले लगकर विजयादशमी तथा शुभ बिजॉय’ की शुभकामनाएं दीं। बुजुर्ग महिलाओं ने नई और युवा सुहागिनों को अखंड सौभाग्यवती रहने का आशीर्वाद दिया। मिठाइयों की मिठास और आपसी आलिंगन ने उत्सव की रौनक को और बढ़ा दिया।

दुर्गा,काली,शिव-पार्वती और अघोरियों के तांडव की झांकी प्रदर्शन के साथ नगर भ्रमण के बाद बंग समाज ने किया मां दुर्गा मूर्ति विसर्जन

श्री श्री शारदीय दुर्गा पूजा उत्सव समिति डी एन के कॉलोनी नारायणपुर द्वारा द्वारा आयोजित मां दुर्गा पूजा कार्यक्रम 16 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक लगातार आठ दिनों तक पारंपरिक विधि विधान से पूजा के साथ साथ प्रतिदिन अलग अलग रंगारंग कार्यक्रम जिसमें बच्चों का डांस प्रतियोगित, आनंद मेला, आर्केस्ट्रा, एवं समाज के वृद्धजनों के सम्मान के साथ समाप्त हुआ जिसके पश्चात शुक्रवार को मां दुर्गा का भव्य झांकी नगर भ्रमण एवं विसर्जन में जय बस्तरिया रामधुनि ग्रुप द्वारा अघोरी झांकी प्रदर्शन करते हुए नगर के मुख्य चौक चौराहे होते नगर भ्रमण के दौरान मां दुर्गा – महिषासुर वध, मां काली रौद्र रूप, शिव पार्वती विवाह एवं अघोरी बाबाओ का तांडव झांकी प्रदर्शन के माध्यम से किया गया है ।

नगर हुआ छत्तीसगढ़ी जसगीतो एवं माता के झांकी प्रदर्शन से हुआ भक्तिमय

मां दुर्गा मूर्ति विसर्जन नगर भ्रमण झांकी प्रदर्शन की शुरुवात  संध्याकालीन में डी एन के कॉलोनी दुर्गा मंडप पूजा स्थल से प्रारंभ होते हुए,चांदनी चौक (मोनालिसा स्टूडियो के सामने) ,पाठक चौक( नमो मोबाइल के सामने), सोनपुर रोड चौक (नितिन ट्रेडर्स के सामने),पुराना बस स्टैंड (तहसील ऑफिस के सामने),जय स्तंभ चौक,पुराना बस स्टैंड (चौपाटी),मस्जिद चौक (हाइस्कूल मोड़), गायत्री मंदिर चौक,होते हुए  डी एन के तालाब चौक तक झांकी प्रदर्शन किया गया जिसमें नगरवासी बड़ी संख्या में शामिल हुए, छत्तीसगढ़ी झांकी कार्यक्रम से नगर पूरी तरह भक्तिमय हो गया उक्त कार्यक्रम हेतु बंग समाज ने पहले ही कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार कर दी थी जिस कारण सभी चौक चौराहे में माता के भक्तों ने पहले से पहुंचकर झांकी का इंतजार किया और मां दुर्गा मूर्ति विसर्जन झांकी को सफ़ल बनाया।

जिला एवं पुलिस प्रशासन एवं नगरवासियों का बंग समाज ने जताया आभार

पूर्व से प्रस्तावित विसर्जन झांकी कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में भक्त जुटेंगे जिसका पूर्वानुमान था जिसके चलते सभी भक्तों की सुरक्षा व्यवस्था हेतु बंग समाज जिलाध्यक्ष कार्तिक नंदी एवं दुर्गा पूजा समिति अधिकारियों ने जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था हेतु अनुरोध किया जिसके बाद सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मियों एवं अधिकारियों ने मोर्चा संभाला और झांकी शुरुवात होने से 2 घंटे पहले से ही पूजा मंडप में जवानों को तैनात किया गया जिनके सहयोग से मां दुर्गा झांकी प्रदर्शनी ऐतिहासिक रूप से किया गया जिस कारण सैकड़ों की संख्या में भक्त प्रदर्शनी देखने पहुंचे और कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया जिसके लिए बंग समाज के जिलाध्यक्ष कार्तिक नंदी एवं समस्त पदाधिकारियों,माताओं,बहनों एवं युवाओं द्वारा जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं नगरवासियों का जताया आभार एवं जिलेवासियों को विश्वास दिलाया कि प्रतिवर्ष मां दुर्गा विसर्जन की झांकी प्रदर्शन को भव्य रूप से आयोजन किया जावेगा।

ढाक की थाप के साथ हुआ विसर्जन

सिंदूर खेला और बधाई के उल्लासपूर्ण क्षणों के बाद विदाई की बेला अत्यंत भावुक रही। आसचे बोछोर आबार एसो मां अर्थात मां अगले वर्ष पुनः आना, के गगनभेदी जयकारों के बीच महिलाओं और श्रद्धालुओं की आंखें भर आई। ढोल-ताशों और पारंपरिक ‘ढाक’ की थाप के साथ मां दुर्गा की प्रतिमाओं को विसर्जन हेतु डी एन के तालाब में ले जाया गया। नारायणपुर जिले के बंग समाज द्वारा आयोजित इस पावन उत्सव ने एक बार फिर सांस्कृतिक एकता, परंपरा और सामाजिक सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की।

बंग समाज के सभी वर्ग के सहयोग से दुर्गा पूजा हुआ ऐतिहासिक 

बंग समाज में दुर्गा पूजा का विशेष महत्व है जिस कारण पिछले तीन माह पूर्व ही समाज के सभी वर्ग तैयारी में जुट जाते है जिसमें सभी की भूमिका अहम हो जाती है मां दुर्गा पूजा कार्यक्रम की रूप रेखा समाज़ के वरिष्ठजनों द्वारा तैयार किया जाता है जिसके बाद पूजा उत्सव समिति का गठन किया जाता है फिर समाज के सभी वर्गों की अलग अलग जिम्मेदारी सौंपा जाता है जिसके बाद से सभी अपने अपने क्षेत्रों तैयारी में जुट जाते है और दुर्गा पूजा से कार्यक्रम की शुरुवात होते हुए दिवाली के दिन होने वाले श्री श्री मां श्यामा काली पूजा तक होती है। जिसमें समाज के जिलाध्यक्ष कार्तिक नंदी, पूजा उत्सव समिति अध्यक्ष गोविंद शाहा, अन्य पदाधिकारी विपुल सरकार, सुबोध बैनर्जी, संजय राय, कार्तिक कर्मकार, जीवन शील, मरण शील, नितेश गोस्वामी, जयदेव मल्लिक, अरविंद मंडल, एवं बंग युवा समिति के जिला अध्यक्ष अजय राय एवं अन्य सदस्य अमित भद्र, अभिजीत शाहा, विभाष सरकार, अभिषेक बेनर्जी, सूरज सरकार, मनोज शाहा, मुकेश देवनाथ, तपन मित्रा, मृदुल शाहा ,करण सरकार एवं समस्त युवाओं एवं समाज के समस्त माताओं एवं बहनों की अहम योगदान रहा।

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