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नारायणपुर: परिवहन मंत्री के विभाग के अधिकारी पर परिवहन सुविधा केंद्र संचालक ने लगाए रिश्वतखोरी एवं अवैध वसूली जैसे गंभीर आरोप

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परिवहन मंत्री के विभाग के अधिकारी पर परिवहन सुविधा केंद्र संचालक ने लगाए रिश्वतखोरी एवं लेन देन जैसे गंभीर आरोप
 सूरज सरकार, प्रधान संपादक, न्यूज बस्तर की आवाज़
नारायणपुर जिले के परिवहन विभाग के अधिकारी कार्यालय अधीक्षक के ऊपर इन दिनों कथित रूप से परिवहन सुविधा केंद्र का संचालको से दस दस हजार रुपए की रिश्वत लेकर उनको जानबूझकर मानसिक एवं आर्थिक रूप से प्रताड़ित करने का मामला लगातार लग रहा था ऐसा गंभीर आरोप पहले भी कई बार परिवहन विभाग के अधिकारी के ऊपर लग चुका है इस मामले को पूर्व में भी समाचार पत्रों द्वारा प्रमुखता से खबर को पूर्व में प्रकाशित किया जा चुका है किंतु जिला प्रशासन द्वारा अब तक कोई भी कार्यवाही नहीं कर पाई या नहीं करना चाहती जिसके चलते जिला प्रशासन के ऊपर सवाल भी खड़े हो रहे है ?
नारायणपुर जिले में वर्तमान में 3 परिवहन सुविधा केंद्र संचालित है जिसके नवीनीकरण के लिए सभी संचालकों द्वारा मार्च 26 में ही आवेदन किया जा चुका है जिसमें से केवल एक परिवहन सुविधा केंद्र (एन के कंप्यूटर्स) का नवीनीकरण खबर प्रकाशित होने के बाद अनुमानित 15 दिवस पश्चात किया जा चुका है एवं शेष  दो अन्य परिवहन सुविधा केंद्र (सायबर सी एवं मेहुल कंप्यूटर्स, बेनूर ) का नवीनीकरण विगत सप्ताह में किया गया है।
अब परिवहन विभाग के अधिकारी पर परिवहन सुविधा केंद्र संचालक द्वारा गंभीर आरोप लगाकर जिला कलेक्टर को शिकायत भी की गई है । परिवहन विभाग के अधिकारी कार्यालय अधीक्षक राजाराम धृतलहरे द्वारा नवीनीकरण के नाम से सभी संचालकों से कथित रूप से दस – दस हजार रुपए की मांग की गई थी जिसका रिकॉर्डिंग ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद आनन फानन में परिवहन सुविधा केंद्र नवीनीकरण कर तो दिया गया है किंतु उक्त अधिकारी के विरुद्ध अभी तक कोई भी कार्यवाही नहीं किया गया है।
 परिवहन विभाग के अधिकारी कार्यालय अधीक्षक द्वारा रिश्वत लेने के बाद भी जब लगातार 3 माह के बाद भी जब आईडी नवीनीकरण नहीं किया गया तो सायबर सी (CYBER CEA) परिवहन सुविधा केंद्र के संचालक ने जिला कलेक्टर को आवेदन देकर अपनी पीड़ा बताई और परिवहन विभाग के अधिकारी पर कई गंभीर आरोप लगाये जो कि जांच का विषय है ।
परिवहन सुविधा केंद्र संचालक द्वारा परिवहन विभाग के अधिकारी पर लगाए कई गंभीर आरोप 
  • परिवहन सुविधा केंद्र आईडी की वैधता दिनांक 28 अप्रैल 2026 को समाप्त हो गई थी। इसके नवीनीकरण हेतु मैंने नियमानुसार आवेदन प्रस्तुत किया तथा निर्धारित ₹2500 /- की ऑनलाइन फीस भी जमा कर दी है आवेदन किए हुए एक माह से अधिक समय व्यतीत हो चुका है, किंतु आज दिनांक तक मेरी आईडी का नवीनीकरण नहीं किया गया है। मैंने इस संबंध में कई बार परिवहन विभाग नारायणपुर में संपर्क किया, परंतु संबंधित कर्मचारी श्री राजाराम घृतलहरे द्वारा न तो मेरे केंद्र का निरीक्षण किया जा रहा है और न ही आगे की प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। मेरा परिवहन सुविधा केंद्र तहसीलपारा, नारायणपुर में स्थित है तथा विभागीय निरीक्षण हेतु पूर्णतः तैयार है, इसके बावजूद जानबूझकर कार्रवाई लंबित रखी जा रही है।
इससे मुझे आर्थिक एवं मानसिक रूप से अत्यधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। महोदया, पिछले माह विभिन्न समाचार पत्रों एवं सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर परिवहन विभाग नारायणपुर में कथित भ्रष्टाचार से संबंधित समाचार प्रकाशित हुए थे। मुझे आशंका है कि संबंधित कर्मचारी श्री राजाराम घृतलहरे को यह संदेह है कि उक्त समाचारों के प्रकाशन मेरी भूमिका रही है। इसी कारणवश मेरे वैध आवेदन पर आवश्यक कार्रवाई नहीं की जा रही है तथा मेरी आईडी के नवीनीकरण की प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से रोका जा रहा है।
परिवहन विभाग के अधिकारी कार्यालय अधीक्षक द्वारा की गई लेन देन संबंधित गंभीर आरोप एवं ऑनलाइन ट्रांजैक्शन
इसके अतिरिक्त पूर्व में भी मैं आपके संज्ञान में यह भी लाना चाहता हूँ कि उक्त परिवहन सुविधा केंद्र की आईडी स्वीकृत करवाने के समय 28 अप्रैल 2025 को मुझसे लगभग ₹40,000/- की राशि कथित रूप से ली गई थी, जिसमें ₹30,000/- ऑनलाइन PhonePe के माध्यम से तथा ₹10,000/- नकद भुगतान शामिल था। मेरे पास ऑनलाइन भुगतान से संबंधित ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड सुरक्षित हैं जिन्हें मैं जांच के दौरान प्रस्तुत करने के लिए तैयार हूँ।
इसी प्रकार लर्नर्स लाइसेंस के 200 ओरिजनल पेपर के लिए मुझसे लगभग ₹2,000/- (10 रूपए प्रति पेपर) की राशि ली गई थी।
इसके अतिरिक्त अप्रैल 2026 में PUCC आईडी जारी करने के लिए ₹10,000/- की मांग की गई थी, जिसमें मेरी आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण मैंने ₹5,000/- का ऑनलाइन भुगतान किया था तथा शेष राशि बाद में देने के लिए कहा गया था। इन भुगतानों से संबंधित ऑनलाइन ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड भी मेरे पास सुरक्षित हैं।
RTO संबंधित सभी कामों के लिए किया जाता है अवैध वसूली अधिकारी करते है सभी काम का रेट फिक्स

परिवहन केंद्र संचालक ने आगे अपने शिकायत में यह भी जानकारी दी कि परिवहन विभाग नारायणपुर में विभिन्न परिवहन संबंधी सेवाओं के लिए लंबे समय से खुलेआम अवैध वसूली किए जाने की जानकारी सभी परिवहन एजेंटों एवं सुविधा केंद्र संचालकों को है। यह कार्य बिना किसी भय अथवा रोक-टोक के लगातार किया जा रहा है। मेरे स्वयं के अनुभव एवं उपलब्ध डिजिटल भुगतान रिकॉर्ड के अनुसार लर्नर्स लाइसेंस, ड्राइविंग लाइसेंस, हेवी लर्नर्स लाइसेंस, हेवी ड्राइविंग लाइसेंस, डीएल रिन्यूअल, डीएल करेक्शन, ट्रांसफर ऑफ ओनरशिप, HP एडिशन, HMV रजिस्ट्रेशन सहित विभिन्न कार्यों के लिए निर्धारित सरकारी शुल्क के अतिरिक्त अलग से राशि ली जाती रही है। प्रचलित अवैध वसूली के अनुसार ली जाने वाली राशि

लर्नर्स लाइसेंस हेतु ₹600,

ड्राइविंग लाइसेंस हेतु ₹1200,

हेवी लर्नर्स लाइसेंस हेतु ₹700,

हेवी ड्राइविंग लाइसेंस हेतु ₹4000,

डीएल रिन्यूअल एवं करेक्शन हेतु ₹500,

ट्रांसफर ऑफ ओनरशिप (बिना HP) हेतु ₹3000,

HP एडिशन हेतु ₹4000 तथा

नए वाहन ( ट्रक/कमर्शियल वाहन) HMV रजिस्ट्रेशन हेतु ₹6000

तक की राशि वसूले जाने की बात आम रूप से परिवहन एजेंटों एवं सुविधा केंद्र संचालकों के बीच प्रचलित है। मैंने स्वयं भी कई बार ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी कार्यों के लिए ₹1200 का भुगतान ऑनलाइन के माध्यम से किया है तथा उन सभी ट्रांजेक्शनों के रिकॉर्ड मेरे पास सुरक्षित हैं। मेरे पास उपलब्ध PhonePe ट्रांजेक्शन, बैंक रिकॉर्ड एवं अन्य साक्ष्य इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। आवश्यकता पड़ने पर मैं जांच अधिकारी के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर समस्त साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए तैयार हूँ। साथ ही यदि जिले के अन्य परिवहन एजेंटों, सुविधा केंद्र संचालकों एवं संबंधित व्यक्तियों के बयान लिए जाएं तो पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकती है।

उक्त शिकायत की जांच हेतु केंद्र संचालक ने जिला कलेक्टर से निवेदन किया है एवं परिवहन सुविधा केंद्र आईडी नवीनीकरण प्रकरण की तत्काल निष्पक्ष जांच कर उक्त अधिकारी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने हेतु आग्रह किया है ।
उक्त शिकायत पर जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार जांच अधिकारी जिला अपर कलेक्टर को किया गया नियुक्त
उक्त मामले की जांच कर दोनों पक्षों का बयान दर्ज कर जांच प्रतिवेदन जिला कलेक्टर को प्रेषित किया गया है, उक्त शिकायत में जो भी उचित कार्यवाही वह जिला कलेक्टर महोदय द्वारा किया जावेगा – बीरेन्द्र बहादुर पंचभाई, जिला अपर कलेक्टर (जांच अधिकारी)
अब देखना है जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय विधायक एवं परिवहन मंत्री के विभाग के अधिकारी पर रिश्वतखोरी जैसा गंभीर आरोप लगने के बाद जिला प्रशासन कोई ठोस कार्यवाही करती है या ये मामला भी जांच के नाम से केवल फाइलों में ही दबकर रह जाती है और कार्यवाही के नाम से केवल स्थानांतरण किया जाता है कोई ठोस कार्यवाही कर जिले के अन्य विभागों में भी इस प्रकार के रिश्वतखोरी अधिकारियों के लिए एक मिशाल पेश किया जाता है। जिससे कोई भी अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग न कर सके और जानबूझकर शासकीय कार्य को बाधित न कर सके ताकि स्थानीयों का शासन प्रशासन के ऊपर अटूट भरोसा बने रहे।

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