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छत्तीसगढ़ राज्य को नक्सलमुक्त घोषित कर दिया गया है, बस्तर में सभी नेताओं की नक्सलवाद सुरक्षा कब हटेगी – राजेश दीवान

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सूरज सरकार, ब्यूरो चीफ बस्तर संभाग, न्यूज बस्तर की आवाज़

नक्सलियों पर रहम,मजबूर ग्रामीणों पर सितम

नक्सली खात्मे के दावे का स्वागत,लेकिन मजबूर आदिवासियों को जेल में रखना अन्यायपूर्ण- राजेश दीवान (अध्यक्ष कांग्रेस)

नारायणपुर- जिला कांग्रेस कमेटी नारायणपुर के जिलाध्यक्ष राजेश दीवान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि 31 मार्च 2026 की समयसीमा के साथ छत्तीसगढ़ को आधिकारिक तौर पर नक्सल मुक्त घोषित कर दिया गया है, जो चार दशकों से जारी लाल आतंक के अंत और बस्तर व अबूझमाड़ जैसे इलाकों में ऐतिहासिक शांति बहाली का प्रतीक है। सरकार के इस घोषणा का स्वागत है,लेकिन अब भी बस्तर और अबूझमाड़ के ग्रामीण और आदिवासी समुदाय खुद को असुरक्षित और पीड़ित महसूस कर रहे हैं। हमेशा से ही नक्सल विरोधी अभियान के नाम पर इन निर्दोष ग्रामीणों को परेशान किया जाता रहा है। बस्तर संभाग में आज भी कई मामलों में बिना ठोस सबूत के हजारों ग्रामीणों को जेल में रखा गया है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर नक्सलियों के खात्मे के दावे सही हैं, तो फिर भोले-भाले आदिवासियों पर अत्याचार क्यों किया जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजेश दीवान ने आगे कहा कि जिन नक्सलियों ने क्रूरतापूर्ण हजारों जवानों, ग्रामीणों की हत्याएँ की, उन्हीं नक्सलियों का स्वागत सरकार लाल कारपेट बिछाकर कर रही है। वहीं बंदूक के डर से मजबूरी में नक्सलियों का सहयोग करने वाले सीधे-सादे आदिवासी जेल में रहकर सजा भुगतने को मजबूर हैं। सरकार जब नक्सली खेमे के बड़े-बड़े मास्टरमाइंड सहित सभी हत्यारों को माफ करने का साहस दिखा रही है, तो गरीब आदिवासी ग्रामीणों को भी जेल से बाहर करने का फरमान सरकार को जल्द ही जारी करना चाहिए।

नक्सलमुक्त बस्तर से कब हटेगी नेताओं की सुरक्षा

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष राजेश दीवान ने राज्य सरकार पर एक और गंभीर आरोप लगाते हुये कहा कि जब छत्तीसगढ़ राज्य को नक्सलमुक्त घोषित कर दिया गया है, बस्तर में सभी नेताओं की नक्सलवाद सुरक्षा तत्काल हटा देनी चाहिए, तो ऐसे में बस्तर और अबूझमाड़ में खुद से सुरक्षा मांगकर राजनीतिक छोटे-मोटे भाजपा नेताओं को अब तक सुरक्षा क्यों दी जा रही है। वैसे भी बस्तर संभाग में कुछ नेता सुरक्षा कर्मचारियों के साथ रील बनाकर खुद को बड़ा नेता दिखाने का प्रयास कई बार कर चुके हैं। ऐसे स्थिति में सरकार को अब इनकी सुरक्षा तत्काल प्रभाव से हटा कर एक सांकेतिक संदेश देना चाहिए।

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