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अबूझमाड़ के हितुल में विकास की दस्तक, 45 किमी पैदल चलने की मजबूरी खत्म, ट्रैक्टर से पहुंचा राशन

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अबूझमाड़ के हितुल में विकास की दस्तक, गांव में ही मिलने लगा राशन

45 किमी पैदल चलने की मजबूरी खत्म, ट्रैक्टर से पहुंचा राशन

प्रशासन की पहल से ओरछा से राशन लाने की वर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान

 

सूरज सरकार, ब्यूरो चीफ, जिला नारायणपुर

नारायणपुर, 17 अप्रैल 2026 // बस्तर के दूरस्थ और चुनौतीपूर्ण अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित थुलथुली ग्राम पंचायत के आश्रित गांव हितुल में अब बदलाव साफ दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रशासन की सक्रियता बढ़ने से अब बुनियादी सुविधाएं सीधे ग्रामीणों तक पहुंच रही हैं। जिला प्रशासन की विशेष पहल के तहत पहली बार इस दुर्गम गांव तक वाहन के जरिए राशन पहुंचाया गया और गांव में ही उसका वितरण शुरू किया गया। इससे लंबे समय से चली आ रही बड़ी समस्या का समाधान हो गया है।

कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में ओरछा विकासखंड के अंतर्गत हितुल गांव में विशेष अभियान चलाकर “चावल उत्सव” आयोजित किया गया। इस दौरान ग्रामीणों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत उनके अपने गांव में ही खाद्यान्न उपलब्ध कराया गया। पहले हिकुल के लोगों को राशन लेने के लिए लगभग 45 किलोमीटर दूर ओरछा तक पैदल जाना पड़ता था। यह सफर खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए बेहद कठिन होता था। अब गांव में ही राशन मिलने से उनकी यह परेशानी पूरी तरह खत्म हो गई है।
जिला खाद्य अधिकारी अलाउद्दीन खान ने जानकारी दी कि खाद्य सामग्री को ट्रैक्टरों के माध्यम से दुर्गम इलाकों तक पहुंचाया गया है और अब गांव में ही वितरण सुनिश्चित किया जा रहा है। इस व्यवस्था से हितुल के 271 राशन कार्डधारियों को सीधा लाभ मिलेगा।

नई व्यवस्था से गांव में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन के प्रति आभार जताते हुए कहा कि इससे उनका समय, मेहनत और खर्च — तीनों की बचत हो रही है और जीवन पहले की तुलना में आसान हो गया है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से पात्र परिवारों को रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराकर उनकी खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि शासन की योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद तक पहुंचे और कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे। यह पहल प्रशासन की संवेदनशील सोच और क्षेत्र के विकास की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

 

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