
माड़ संवाद में कलेक्टर ने ग्रामीणों से किया सीधा संवाद,
शाला प्रवेश उत्सव में विद्यार्थियों को वितरित की अध्ययन सामग्री,
‘आई एम कलाम’ फिल्म के माध्यम से शिक्षा का दिया संदेश

नारायणपुर, 19 जून 2026 // जिला प्रशासन द्वारा संचालित माड़ संवाद कार्यक्रम के तहत कलेक्टर नम्रता जैन गुरुवार को ओरछा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम तोके पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से आत्मीय संवाद कर शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा ग्रामीणों को शिक्षा, आजीविका और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों, बच्चों एवं युवाओं के लिए प्रेरणादायी फिल्म ‘आई एम कलाम’ का प्रदर्शन भी किया गया, जिसके माध्यम से शिक्षा, संघर्ष, आत्मविश्वास और बड़े सपने देखने का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत शाला प्रवेश उत्सव से हुई। कलेक्टर ने विद्यार्थियों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया तथा उन्हें नए गणवेश, स्कूल बैग, कॉपी, पुस्तक, पेंसिल एवं अन्य अध्ययन सामग्री वितरित की। उन्होंने बच्चों से पढ़ाई के संबंध में चर्चा करते हुए नियमित रूप से विद्यालय जाने और शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को बेहतर बनाने का संदेश दिया। ग्रामीणों को बताया गया कि गांव में विद्यालय प्रारंभ होने से बच्चों को शिक्षा की बेहतर सुविधा मिल रही है तथा नए विद्यालय भवन का निर्माण भी प्रगति पर है। कलेक्टर ने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और उन्हें उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने का आग्रह किया।

माड़ संवाद के दौरान ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन तथा अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि पात्र परिवारों को आवास एवं शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं से जोड़ने के लिए प्रशासन निरंतर कार्य कर रहा है। आजीविका संवर्धन पर जोर देते हुए कलेक्टर ने कहा कि वनांचल क्षेत्र में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग से आय के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने ग्रामीणों को इमली, बांस आधारित गतिविधियों, बकरी पालन, मुर्गी पालन तथा अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही कॉफी एवं चॉकलेट की खेती को क्षेत्र के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि इससे दीर्घकालिक आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए प्रशिक्षण एवं आवश्यक सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।

ग्रामीणों को मनरेगा सहित विभिन्न रोजगारोन्मुखी योजनाओं की जानकारी दी गई तथा मत्स्य पालन, कृषि आधारित गतिविधियों और कौशल विकास प्रशिक्षणों से जुड़कर आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही महिलाओं एवं युवाओं को स्वरोजगार आधारित गतिविधियों में भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया गया। उन्होंने जंगलों के संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आजीविका दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी लाभकारी सिद्ध होगा।


माड़ संवाद के दौरान ग्रामीणों ने पेयजल संबंधी समस्याओं एवं जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने की आवश्यकता बताई। कलेक्टर ने इस पर गंभीरता दिखाते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को त्वरित निराकरण एवं नियमित पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम के दौरान कलेक्टर ने ग्रामीण युवाओं एवं छात्राओं से संवाद कर उच्च शिक्षा एवं कौशल विकास के अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर रमशिला उसेंडी, सुनीता ध्रुव एवं दैनी गोटा ने उच्च शिक्षा हेतु नर्सिंग का अध्ययन के लिए बाहर बेहतर संस्थानों में प्रवेश दिलाने का अनुरोध किया। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं प्रवेश प्रक्रिया में सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए साथ ही पात्र वृद्धजनों को पेंशन योजनाओं से जोड़ने के निर्देश भी दिए गए।


इस अवसर पर कलेक्टर ने गांव की महिलाओं को साड़ी वितरित की तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देकर उनका अधिकतम लाभ लेने का आग्रह किया।
इस अवसर पर एसडीएम डॉ. सुमित गर्ग, जनपद पंचायत सीईओ लोकेश चतुर्वेदी, विकासखंड शिक्षा अधिकारी संतु नुरेटी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।















