चेक बाउंस के दो मामले में दिया गया दंड


सूरज सरकार, प्रधान संपादक, न्यूज बस्तर की आवाज़
नारायणपुर :- 13 मई 2026/अनावेदक गजेंद्र साहू पिता स्वर्गीय महेश साहू मांझीपारा नारायणपुर जिला नारायणपुर (छत्तीसगढ़) के द्वारा परिवादी हरिराम पारेख पिता दिलीप पारेख बखरूपारा मेनरोड नारायणपुर से 1000000 ₹ दस लाख रुपए उधार लिया था अनावेदक गजेंद्र साहू उधार रकम को दी जाने हेतु चेक क्रमांक 290, 390 दिया गया था जो उसके खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने से चेक बाउंस हो गया था I

उसके पश्चात अनावेदक द्वारा उधर रकम दिए जाने हेतु समय चाहा और दूसरा चेक परिवादी को दिया जो खाता में पर्याप्त रकम नहीं होने से चेक अनादरित हो गया मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नारायणपुर कुमारी प्रतिभा मरकाम के द्वारा प्रक्रम्य लिखित अधिनियम 1881 की धारा 138 के परिवाद में निर्णय दिया गया कि अनावेदक अभियुक्त *गजेंद्र साहू को 03 माह का साधारण कारावास तथा 10 लाख प्रतिकर राशि अधिरोपित किया गया* उक्त दंड के विरुद्ध अपील किया गया अपील न्यायालय *श्रीमान जितेंद्र कुमार ठाकुर अपर सत्र न्यायाधीश *नारायणपुर* के द्वारा उक्त दंडादेश को यथावत रखते हुए निर्णय पारित किया गया है।

द्वितीय परिवाद गजेंद्र साहू पिता स्वर्गीय महेश साहू संचालक मुक्त रेस्टोरेंट अंतागढ़ रोड जिला नारायणपुर (छत्तीसगढ़ )के द्वारा परिवादी श्रीमती कविता यादव पति स्वर्गीय जितेंद्र कुमार यादव मुरियापारा जिला नारायणपुर (छत्तीसगढ़) परिवादी से परिचय होने से 10 लाख रुपया उधार लिया था उधार रकम अदा करने हेतु परिवादनी को चेक दिया था जो उसके खाते में पर्याप्त रकम नहीं होने से चेक अनादरित हो गया था |

जिसके परिवाद में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नारायणपुर कुमारी प्रतिभा मरकाम के द्वारा अनावेदक अभियुक्त *गजेंद्र साहू को 3 माह का साधारण कारावास 10 लाख रुपए प्रतिकर राशि अधिरोपित किया* गया उक्त दंडादेश का अपील किया गया था अपील न्यायलय *श्रीमान जितेंद्र कुमार ठाकुर अपर सत्र न्यायाधीश नारायणपुर* के द्वारा उक्त दंडादेश को यथावत रखते हुए निर्णय दिया गया ।




*चेक बाउंस मामले में भेजा गया जेल*
नारायणपुर 13 मई 2026/अनावेदक सुकमन पोटाई पिता स्वर्गीय कोलियाराम निवासी बगला पारा ब्लॉक कॉलोनी नारायणपुर के द्वारा परिवादी देवांगन ट्रेडर्स के संचालक लोकेंद्र देवांगन नारायणपुर से जान – पहचान होने के कारण 73730 रुपए एवं 238100₹का समान क्रय किया था उक्त समान का भुगतान हेतु ₹300000 का चेक परिवादी को प्रदान किया गया था अनावेदक के खाता में पर्याप्त रकम नहीं होने से चेक अनादरित हो गया है । परिवादी द्वारा प्रस्तुत परिवाद में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कुमारी प्रतिभा मरकाम के द्वारा अनावेदक को लिखत पराक्राम्य अधिनियम 1881 की धारा 138 के आरोप में *03 माह* *का साधारण कारावास की सजा* ₹ *300000 प्रतिकर राशि* अधिरोपित किया गया उक्त दंंडादेश का अपील न्यायलय में अपील किया गया अपील न्यायलय *श्रीमान जितेंद्र कुमार ठाकुर अपर सत्र न्यायाधीश* के द्वारा उक्त दंडादेश को यथावत रखते हुए निर्णय पारित किया गया आरोपी अपिलार्थी सुकमन पोटाई को अभी रक्षा में लिया जाकर दंडादेश के पालन हेतु जेल भेजा गया














