


3 माह से अधिक हो गये लेकिन अब तक परिवहन सुविधा केंद्रों का नहीं हो पाया नवीनीकरण, परिवहन सुविधा केंद्रों का काम हुआ ठप्प

नारायणपुर जिले में शासन के योजनाओं के अनुरूप बेरोजगार युवक एवं युवतियों के स्वरोजगार एवं आर्थिक विकास हेतु जिले में तीन परिवहन सुविधा केंद्र संचालित है, लेकिन पिछले तीन माह से अधिक समय हो गया उक्त परिवहन सुविधा केंद्रों का नवीनीकरण हेतु परिवहन विभाग में आवेदन दिया गया है किंतु परिवहन विभाग में परिवहन अधिकारी तो कभी कार्यालय में बैठते ही नहीं जिसका पूरा लाभ विभाग में पदस्थ अन्य कर्मचारी कार्यालय अधीक्षक राजाराम धृतलहरे पूरा उठा रहे है और जानबूझकर परिवहन सुविधा केंद्र आईं डी नवीनीकरण कार्य को बाधित किया जा रहा है,जिले में संचालित परिवहन सुविधा केंद्रों के नवीनीकरण के संबंध में जब संचालनकर्ता से जानकारी ली गई तो ज्ञात हुआ कि परिवहन सुविधा केंद्रों का नवीनीकरण पिछले तीन माह से सम्बंधित अधिकारी द्वारा जानबूझकर नहीं किया जा रहा है, परिवहन विभाग के अधिकारी कार्यालय अधीक्षक द्वारा नवीनीकरण के नाम से 10000-10000 रुपये पहले ही लिया जा चुका लेकिन आज तक नवीनीकरण का कार्य पूरा नहीं किया गया है, अब परिवहन विभाग के भ्रष्ट अधिकारी कहे या राजा बाबू जो कि कई वर्षों से विभाग में अपना राम राज चला रहे है, जिसे परिवहन विभाग में अवैध वसूली का खुला छूट मिला हुआ है साथ ही लाइसेंस प्राप्त है और परिवहन संबंधित समस्त कार्यों के लिए फिर चाहे वाहन का नाम ट्रांसफर, नए वाहन का रजिस्ट्रेशन, ड्राइविंग लाइसेंस एवं अन्य RTO संबंधित कार्य सभी कामों के लिए मोटी रकम वसूला जाता है।

परिवहन सुविधा केंद्रों के माध्यम से शिविरों में हजारों से अधिक ड्राइविंग लाइसेंस बन सकते थे लेकिन लापरवाह अधिकारी के कारण मात्र 100 वाहन चालकों का बन पाया ड्राइविंग लाइसेंस
नारायणपुर जिले में पिछले कुछ दिन पूर्व परिसर मैदान नारायणपुर में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने हेतु शिविर का आयोजन माड़ मैत्री कार्यक्रम के माध्यम से जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन द्वारा संयुक्त रूप से कराया गया था जिसका मुख्य उद्देश्य माड़ एवं दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं एवं ग्रामीणों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिलाना और शासन प्रशासन से मित्रता पूर्वक सभी शासकीय कार्यों निष्पादन करना है जिसके चलते जिले में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने हेतु शिविर का आयोजन किया गया जिसमें जिले के दूरस्थ क्षेत्रों एवं आसपास के ग्रामों से हजारों से अधिक ग्रामीण लाभ लेने पहुंचे लेकिन परिवहन सुविधा केंद्रों का नवीनीकरण नहीं होने के कारण केवल परिवहन विभाग द्वारा ही लाइसेंस बनाने का काम किया गया जिसमें केवल प्रतिदिन 100 लाइसेंस बनाना निर्धारित होता है,जिसके कारण 400 से अधिक ग्रामीण बिना लाइसेंस बनाए घंटों तेज धूप में इंतजार करते हुए मायूस होकर वापस अपने गांव लौट गए,अगर विभाग के अधिकारी अपने स्वार्थ के लिए और लापरवाही न कर परिवहन सुविधा केंद्रों का नवीनीकरण कार्य समय रहते कर देते तो उक्त शिविर में अधिक से अधिक वाहन चालकों और ग्रामीणों का निःशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस बन सकता था।

ड्राइविंग लाइसेंस बनाने परिवहन कार्यालय में 3000-5000 रूपये की मांग की जाती है।
उक्त शिविर से आए ग्रामीणों द्वारा कई किलोमीटर का सफ़र तय कर जब अतिरिक्त शुल्क (RTO कार्यालय में लगने वाले) के बिना लाइसेंस नहीं बनने के कारण ग्रामीणों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि परिवहन विभाग में जब ड्राइविंग लाइसेंस बनाने हेतु जाया जाता है तब भी कार्यालय का बार बार चक्कर लगाना पड़ता है और जब कर्मचारी मिलते है तो लाइसेंस हेतु 3000-5000 रुपए की मांग किया जाता है, इस कारण आम नागरिक परिवहन कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना चाहता है। जिसके कारण हम लोग माड़ मैत्री शिविर में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने आए थे लेकिन यहां भी 100 से अधिक लोगों का नहीं बन पाएगा करके वापस भेज दिया गया और अगले शिविर या कार्यालय आकर बनवाने की बात कही गई।

RTO कार्यालय में लाइसेंस बनाने के लिए किया जाता है अवैध वसूली
शिविर में वाहन चालकों एवं ग्रामीणों द्वारा जानकारी दी गई कि शिविर में लर्निंग लाइसेंस तो निःशुल्क मिल जाता है, ड्राइविंग लाइसेंस बनाने जब RTO में चक्कर लगाया जाता है तो वहां काफी मशक्कत करना पड़ता है बार बार RTO कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है और कब तो अधिकारी नहीं होते तो कभी बाबू नहीं होते करके वापस भेज दिया जाता है फिर क्या RTO कार्यालय के जो बाहरी राज्य के दलाल या एजेंट के परिवहन मितान कार्यालय जो कि कलेक्टर कार्यालय के दीनदयाल कॉलोनी के पास स्थित है उसमें भेज दिया जाता है जहां लाइसेंस बनाने हेतु 2000 से 3000 की मांग की जाती है। उसके बाद तुरंत प्रोसेस कर दिया जाता है, वाहन चालक रोज रोज RTO कार्यालय का चक्कर काटने से अच्छा दलाल को पैसा देकर कार्य करने को मजबूर हो जाते है।

वाहन चालकों की मांग है कि लर्निंग लाइसेंस बनने वालों का भी निशुल्क ड्राइविंग लाइसेंस शिविर के माध्यम से बनना चाहिए ताकि RTO कार्यालय में जो अवैध वसूली की जाती है लाइसेंस बनाने के लिए उस पर अंकुश लग सके और आसानी से ड्राइविंग लाइसेंस उपलब्ध हो सके।












