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नारायणपुर: निःशुल्क महास्वास्थ्य शिविर में 3000 से अधिक मरीजों को मिला स्वास्थ्य लाभ, बेमौसम बारिश ने डाला शिविर में खलल

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एक दिवसीय निःशुल्क महा स्वास्थ्य शिविर संपन्न, 3000 से अधिक मरीजों को मिला विशेषज्ञ उपचार

वन मंत्री केदार कश्यप ने किया निरीक्षण, डॉक्टरों व वालंटियर्स को सम्मानित कर की व्यवस्थाओं की सराहना

30 विशेषज्ञ सहित 100 से अधिक चिकित्सकों ने दी सेवाएं, जांच से लेकर दवा तक की रही समुचित व्यवस्था

सूरज सरकार, ब्यूरो चीफ बस्तर संभाग

नारायणपुर, 19 अप्रैल 2026 // जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने तथा अबूझमाड़ जैसे सुदूर एवं दुर्गम क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा पहुंचाने के उद्देश्य से बालक हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में आयोजित निःशुल्क महा स्वास्थ्य शिविर अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। प्रातः 7 बजे से सायं 5 बजे तक चले इस शिविर में 3000 से अधिक मरीजों ने जांच एवं परामर्श का लाभ उठाया।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने शिविर का अवलोकन करते हुए मरीजों से आत्मीय संवाद किया तथा व्यवस्थाओं की सराहना की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं चिकित्सकों को बेहतर एवं त्वरित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने बाहर से आए विशेषज्ञ चिकित्सकों से भी चर्चा कर उपचार व्यवस्था की जानकारी ली।

इस दौरान उन्होंने मरीजों को निःशुल्क चश्मा वितरण किया साथ ही दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित कर उन्हें लाभान्वित किया गया। त्वरित उपचार से मरीजों ने संतोष व्यक्त करते हुए शासन-प्रशासन के प्रति आभार जताया। निरीक्षण के दौरान वन मंत्री श्री कश्यप ने शिविर में सेवाएं देने वाले डॉक्टरों को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया तथा सक्रिय भूमिका निभाने वाले वालंटियर्स को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

 

कलेक्टर नम्रता जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर के पूर्व अबूझमाड़ क्षेत्र में विशेष स्वास्थ्य जांच अभियान चलाकर गंभीर मरीजों की पहचान की गई और उन्हें शिविर तक लाकर उपचार सुनिश्चित किया गया। शिविर में पंजीयन से लेकर उपचार तक सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित रहीं, जिनमें भोजन, पेयजल, छाया, कूलर, व्हीलचेयर एवं सैकड़ों वालंटियर्स की तैनाती शामिल रही।

 

 

 

विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता

शिविर में 30 विशेषज्ञ चिकित्सकों सहित 100 से अधिक डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं दीं। इनमें न्यूरो सर्जरी, नेत्र रोग, स्त्री रोग, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, श्वसन रोग, ईएनटी, त्वचा रोग, शिशु रोग, दंत रोग एवं तंत्रिका रोग के विशेषज्ञ शामिल रहे। सभी विशेषज्ञों द्वारा मरीजों को समुचित जांच, परामर्श एवं उपचार प्रदान किया गया।

सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के बीच हुआ उपचार

शिविर में 30 से अधिक पंजीयन काउंटर स्थापित किए गए, जहां त्वरित पंजीयन के बाद मरीजों को संबंधित विशेषज्ञों तक पहुंचाया गया। मौके पर ही ब्लड प्रेशर, शुगर एवं अन्य आवश्यक जांचें की गईं तथा जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं।

मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से ब्रेस्ट कैंसर, ओरल कैंसर एवं सर्वाइकल कैंसर की जांच की गई। जिन मरीजों में कैंसर के लक्षण पाए गए, उन्हें प्राथमिक उपचार प्रदान कर आगे की चिकित्सा के लिए चिन्हांकित किया गया।

विशेष सेवाएं एवं जनकल्याणकारी पहल

शिविर में ब्लड डोनेशन कैंप, नेत्र जांच, निःशुल्क चश्मा वितरण, मोतियाबिंद परीक्षण एवं उपचार जैसी सेवाएं भी प्रदान की गईं। दिव्यांगजनों को व्हीलचेयर, छड़ी एवं अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। शिविर में नेत्र जांच कराने आए मरीजों को निःशुल्क चश्मों का वितरण किया गया, जिसमें 500 से अधिक लाभार्थियों को चश्मे प्रदान किए गए।

वालंटियर्स ने ग्रामीणों को चिकित्सकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे शिविर सेवा, संवेदनशीलता और उत्कृष्ट प्रबंधन का उदाहरण बन गया।


जिला प्रशासन का यह प्रयास न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को सुदृढ़ करने में मील का पत्थर साबित हुआ, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि अबूझमाड़ के अंतिम छोर तक प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को समय पर बेहतर उपचार मिल सके।

इस दौरान छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, छत्तीसगढ़ राज्य दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री लोकेश कावड़िया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्र प्रसाद बघेल, पुलिस अधीक्षक श्री रॉबिंसन गुड़िया, जिला पंचायत सीईओ सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो, अपर कलेक्टर श्री बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम अभयजीत मण्डावी, सीएमएचओ डॉक्टर टी.आर. कंवर सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, पत्रकार एवं बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।

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