
जनदर्शन में सुनी गई ग्रामीणों की समस्याएं
कलेक्टर नम्रता जैन ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश
नारायणपुर, 02 जुलाई 2026// कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर नम्रता जैन ने जिले के विभिन्न गांवों से पहुंचे नागरिकों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं। उन्होंने प्राप्त आवेदनों पर गंभीरता से संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई करने तथा सभी प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनदर्शन में जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से आए ग्रामीणों ने भूमि, पेयजल, सड़क, शिक्षा, विद्युत, आवास, पंचायत, निर्माण कार्य और अन्य जनसुविधाओं से जुड़ी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखीं। ग्राम धौड़ाई की श्रीमती दशमी बघेल ने निवास स्थान का पट्टा दिलाने, ग्राम मलेचुर की शकुंतला करंगा ने बोर खनन, राकेश कावड़े ने निर्माण कार्यों की स्वीकृति तथा ग्राम हिकुल के ग्रामीणों ने गांव के नाम की त्रुटि सुधारने की मांग की।
इसी प्रकार ग्राम पंचायत कोंगेरा के सरपंच ने सचिव के विरुद्ध कार्रवाई और निष्पक्ष जांच, ग्राम गुदाड़ी की दीपान्ती कोर्राम ने बीएससी नर्सिंग के लिए सहयोग राशि, पदमकोट के सरपंच ने क्रेडा विभाग के अधिकारी को हटाने एवं पंचायत में भ्रष्टाचार की जांच, कस्तुरमेटा के सरपंच ने सीसी सड़क तथा कोहकामेटा के सरपंच ने हल्बा राउत एकल सामुदायिक भवन की स्वीकृति की मांग रखी। जनदर्शन में सिंगोड़ीतराई के ग्रामीणों ने शासकीय भूमि के अवैध क्रय-विक्रय और अतिक्रमण पर रोक लगाने, बितुराम सलाम ने छात्रावास में प्रवेश, सुबोध विश्वकर्मा ने विद्युत पोल सुधारने, बंशीलाल कोर्राम ने सड़क निर्माण में लगी मशीनों से मुरूम मिट्टी समतलीकरण कराने तथा मेटानार और गरदापाल के ग्रामीणों ने सोलर पंप और हैंडपंप की मांग संबंधी आवेदन सौंपे।


इसके अलावा जिला पंचायत सदस्य लता कोर्राम ने प्राथमिक शाला छोटेकुम्हारी में शिक्षक की नियुक्ति तथा जिला पंचायत सदस्य श्रीमती प्रमिका सुकमन कचलाम ने स्वीकृत आरसीसी पुलिया निर्माण कार्य का स्थान परिवर्तन कर ग्राम पंचायत बावड़ी में दसरू के खेत के पास निर्माण कराने का अनुरोध किया। कलेक्टर नम्रता जैन ने सभी आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने आवेदकों को भरोसा दिलाया कि सभी मामलों का नियमानुसार परीक्षण कर समय-सीमा के भीतर उचित निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।












