Breaking News

नारायणपुर: मां दुर्गा,काली,शिव-पार्वती और अघोरियों के तांडव की छत्तीसगढ़ी झांकी प्रदर्शन के बाद बंग समाज ने किया ऐतिहासिक मां दुर्गा मूर्ति विसर्जन न्यू प्रेस क्लब नारायणपुर के शपथ ग्रहण समारोह का हुआ भव्य आयोजन, मुख्य अतिथि मंत्री केदार कश्यप ने न्यू प्रेस क्लब नारायणपुर के पत्रकारों के भवन के जल्द निर्माण की घोषणा की न्यू प्रेस क्लब नारायणपुर के शपथ ग्रहण समारोह का भव्य आयोजन 19 सितंबर को, मुख्य अतिथि के रूप में वन मंत्री एवं विधायक केदार कश्यप करेंगे शिरकत नारायणपुर: साइबर ठगों को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाला आरोपी नारायणपुर निवासी म्यूल खाताधारक गिरफ्तार आत्मसमर्पित नक्सलियों ने जिस हाथ से जवानों की हत्या करते थे कभी…आज उसी हाथ से जवानो की रक्षा करने का वचन देते हुए उनके हाथों में बांधा रक्षा सूत्र नारायणपुर: नक्सल हिंसा के शिकार परिवारों के बीच पहुंचे मां मातंगी धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमसाईं

नारायणपुर: अक्षय तृतीया के अवसर पर एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन फाउंडेशन द्वारा बाल विवाहों की रोकथाम के लिए सतर्कता दिवस मनाया

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

अक्षय तृतीया पर बाल विवाहों की रोकथाम के लिए एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन (समर्पित संस्था ) नारायणपुर की टीम ने गांव गांव में जाकर बाल विवाह अभियान चलाया एवं जिला प्रशासन के साथ मनाया सतर्कता दिवस।


नारायणपुर जिले में बाल अधिकारों की सुरक्षा व बाल विवाहों की रोकथाम के लिए काम कर रहे संगठन एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन संस्था नारायणपुर ने अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाहों की रोकथाम के लिए सतर्कता दिवस मनाया। इसमें बाल विवाह व आशा यूनिटों ने भी सहयोग दिया और जिले में बाल विवाह की रोकथाम का संकल्प दोहराया। एक्सेस टू जस्टिस फॉर चिल्ड्रन जिला प्रशासन, पंचायतों, स्कूलों और धर्मगुरुओं के साथ मिलकर जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए स्कूलों, पंचायतों और गांवों में बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान चला रहा है और जिले में हजारों लोगों को बाल विवाह के खिलाफ शपथ दिलाई है। संगठन खास तौर से बाल विवाह के लिहाज से संवेदनशील अक्षय तृतीया जैसे मौकों पर प्रशासन व सरकार के सहयोग से इसकी रोकथाम के लिए विशेष अभियान चलाता रहा है। समर्पित संस्था देश में बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी अधिक नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन का सहयोगी संगठन है।


जिले में अब तक बाल विवाह के खिलाफ अभियान की सफलता पर संतोष जाहिर करते हुए समर्पित संस्था के निदेशक डॉ.
संदीप शर्मा ने कहा कि अक्षय तृतीया के शुभ दिन की आड़ में बाल विवाह जैसे अपराध को कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन व नागरिक समाज संगठनों की सतर्कता से अब अक्षय तृतीया के दिन होने वाले बाल विवाहों की संख्या में खासी कमी आई है लेकिन हमें इसे पूरी तरह रोकने की जरूरत है।


उन्होंने कहा कि चंद वर्षों पहले तक लोगों को यह भी नहीं पता था कि नाबालिग बच्चों की शादी बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम
(पीसीएमए), 2006 के तहत दंडनीय अपराध है। इसमें किसी भी रूप में शामिल होने या सेवाएं देने पर दो साल की सजा व
जुर्माना या दोनों हो सकता है। इसमें बाराती और लड़की के पक्ष के लोगों के अलावा कैटरर, साज-सज्जा करने वाले डेकोरेटर
हलवाई, माली, बैंड बाजा वाले, मैरेज हाल के मालिक और यहां तक कि विवाह संपन्न कराने वाले पंडित और मौलवी को भी अपराध में संलिप्त माना जाएगा और उन्हें सजा व जुर्माना हो सकता है। लेकिन जमीन पर हमारे गहन जागरूकता अभियानों से जागरूकता बढ़ी है और हालात बदले हैं। अब लोग बाल विवाहों की सूचना दे रहे हैं और प्रशासन तुरंत इसकी रोकथाम के लिए कार्रवाई कर रहा है। यह एक उल्लेखनीय बदलाव है और हमें विश्वास है कि हम 2030 से पहले ही जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने के लक्ष्य को हासिल कर लेंगे।

जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन 250 से भी ज्यादा सहयोगियों के साथ बाल विवाह की ऊंची दर वाले देश के 450 से भी ज्यादा जिलों में इस अपराध के खिलाफ अभियान चला रहा है। इस नेटवर्क ने अब तक पांच लाख से ज्यादा बाल विवाह रोके हैं।

 

और पढ़ें

दशकों से नक्सल हिंसा और भय के साये में रहे कोरसकोडो, हचेकोटी, आदनार, बोटेर, कुमनार, दिवालुर, गुंडेकोट, रेकापाल एवं रासमेटा गांवों में आजादी के बाद पहली बार स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर तिरंगा फहराया गया